अयोध्या : मामला जनपद के बहादुरगंज, साहबगंज से जुड़ा है जहां नजूल गाटा संख्या - 400 फ़िर सुर्खियों मे हैं शिकायतकर्ता के अनुसार उन्होंने कई बार नजूल भूमि से अवैध कब्जा हटवाने की शिकायत की लेकिन विभाग ने कोई कार्यवाही नहीं की बल्कि 2 शिकायतो में अलग अलग रिपोर्ट लगाकर लीपापोती का प्रयास किया गया, पहली शिकायत में बताया गया कि कल्पना त्रिपाठी पत्नी देव नारायण ने 196 वर्गफीट भूमि पर कब्जा कर उस पर बाउंड्री बनवा दी है और दूसरी शिकायत में बताया गया कि पंकज त्रिपाठी पुत्र देव नारायण ने 208 वर्ग फीट भूमि पर कब्जा किया है अब सवाल ये है कि एक ही जमीन को दो लोगों ने कैसे कब्जा कर लिया है ? क्या अधिकारियों को पता ही नहीं है कि 196 वर्गफीट भूमि पर कब्जा है या 208 वर्गफीट पर ? शिकायत कर्ता ने जब अलग अलग रिपोर्ट पर सवाल किया तो उसे पागल और मनोरोगी कहकर अपमानित किया गया और धमकियां भी दी गई आरोपी इतने शातिर हैं
कि उन्होंने भूमि पर तथ्य छिपाकर प्रधानमंत्री आवास पास करा लिया है जिसके बाद पीड़ित ने उत्तर प्रदेश पिछड़ा आयोग में उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई है जिस पर आयोग द्वारा जिलाधिकारी से आख्या मांगी गई, नजूल भूमि की बंदरबाट और अवैध कब्जे शहर में आम हैं अरबों की सरकारी भूमि पर भू माफियाओं और कब्जेदारों का अवैध कब्जा और दखल है और यह सब नजूल विभाग के अधिकारियों और कर्मियों के संरक्षण में होता है कई रिकॉर्ड अधिकारियों द्वारा कार्यालय से गायब करा दिए गए हैं कई में विधि विरुद्ध तरीके से बदलाव किए गए और अपराधियों और रसूखदारों को लाभ पहुंचाया गया कोई हिम्मत कर शिकायत भी करता है तो उस झूठा मामला दर्ज कर उसे ही अवैध कब्जेदार बताया जा रहा है शिकायतो पर भ्रष्टाचार की मलाई मारकर जबरन निस्तारित कर दिया जाता है साथ ही पीड़ित पर दबाव बनाने के लिए उसके खिलाफ़ ही पी०पी० एक्ट की कार्यवाही शुरू कर दी गई है





